बैकुंठ धाम श्री बद्रीनाथ, हिमालय (2026)
बद्रीनाथ धाम की प्राचीन परंपरा के अनुसार पूजा विधि
भव्य कलश यात्रा, गणेश पूजन और श्री गोकर्ण आख्यान। ब्रह्म कपाल में पितृ संकल्प।
सती चरित्र, ध्रुव चरित्र और जड़ भरत की कथा। भक्ति मार्ग का वर्णन।
प्रहलाद चरित्र, वामन अवतार और समुद्र मंथन की दिव्य झांकी।
राम जन्म और कृष्ण जन्म की भव्य झांकी। सबसे विशेष उत्सव। माखन मिश्री भोग।
बाल लीला, ५६ भोग दर्शन और गोवर्धन पूजा का आयोजन।
रास पंचाध्यायी और श्री कृष्ण-रुक्मिणी विवाह का सजीव चित्रण। फूलों की होली।
परीक्षित मोक्ष, व्यास पूजा, हवन और भंडारा प्रसाद। कथा विश्राम।
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यात्रा और कथा से जुड़ी पूर्ण जानकारी
सीट कन्फर्म करने के लिए 50% राशि अग्रिम (Advance) जमा करनी होगी। शेष 50% राशि बद्रीनाथ पहुँचने पर देय होगी।
यात्रा से 15 दिन पूर्व कैंसिल करने पर 80% रिफंड मिलेगा। 7 दिन के भीतर कैंसिल करने पर कोई रिफंड देय नहीं होगा।
धाम की पवित्रता बनाए रखने हेतु मांस, मदिरा और धूम्रपान पूर्णतः वर्जित है। कथा के दौरान मर्यादित वस्त्र पहनना अनिवार्य है।
चेक-इन के समय प्रत्येक यात्री का आधार कार्ड या सरकारी पहचान पत्र (Original ID) साथ रखना अनिवार्य है।
सहायता केंद्र: +91 9286326596
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